बच्चेदानी में ट्यूमर हो तो क्या करना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Tue 29th Nov 2022 : 11:49

सही समय पर सही इलाज से इस वायरस को खत्म भी किया जा सकता है। लेकिन अगर इसकी अनदेखी की जाए तो यह गर्भाशय के कैंसर का कारण भी बन सकता है। इसलिए महिलाओं को 30 साल के बाद एचपीवी की जांच नियमित रूप से करवानी चाहिए। इस के अलावा कैंसर से बचाव के लिए बनाया गया टीका लगवाने से भी इस से काफी हद तक बचा जा सकता है।

इलाज-
-लोगों को समझ में नहीं आता कि दवाइयों से इलाज करवाएं या सर्जरी करवाएं.
-अगर किसी भी कारण से उस समय सर्जरी नहीं करवा सकते तो दवाइयां दी जाती हैं.
-ताकि इलाज का समय बढ़ सके.
-ये फाइब्रॉएड हॉर्मोन्स पर निर्भर करते हैं.
-ये हॉर्मोन हैं एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन.
-ये दोनों हॉर्मोन फाइब्रॉएड का साइज़ बढ़ाते हैं.
-जब मेनोपॉज़ का समय आता है तब ये फाइब्रॉएड अपने आप सिकुड़ जाते हैं.
-अगर मेनोपॉज़ के आसपास हैं तब दवाइयों की मदद से कुछ समय काटा जा सकता है, जब तक मेनोपॉज़ नहीं हो जाता.
-लेकिन अगर आपकी उम्र 40 साल के आसपास है और फाइब्रॉएड ज़्यादा परेशान करते हैं तो सर्जरी इसका उपाय है.
-इसमें दो तरह से सर्जरी की जा सकती है.

बचाव-
-बचाव के बहुत सारे तरीके नहीं हैं, पर हेल्दी डाइट लें.
-अनीमिया से बचें.
-एक्सरसाइज करें.
-हेल्दी शरीर में फाइब्रॉएड के कम लक्षण दिखते हैं.

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